करवा चौथ पर चांद के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। लेकिन बारिश, आंधी या आसमान में बादल छाए रहने के कारण कई बार चंद्रमा दिखाई नहीं देता। ऐसी स्थिति में व्रत रखने वाली महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि चांद के दर्शन न होने पर व्रत का पारण कैसे किया जाए।
इस वर्ष करवा चौथ का त्योहार 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को करवा माता की पूजा और कथा सुनने के बाद चंद्रमा के दर्शन, पूजन और अर्घ्य देने की परंपरा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि खराब मौसम के कारण चांद दिखाई न दे तो कुछ वैकल्पिक तरीकों से पूजा और व्रत का पारण किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे पांच उपाय, जिनका उल्लेख दी गई धार्मिक जानकारी में किया गया है।
खराब मौसम में चांद न दिखे तो कैसे खोलें करवा चौथ का व्रत?
भगवान शिव के दर्शन करके खोलें व्रत
यदि बादलों या खराब मौसम के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं दे रहा है, तो भगवान शिव की तस्वीर के दर्शन करके व्रत खोलने का विकल्प बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। ऐसे में महिलाएं शिवजी के दर्शन कर सकती हैं। इसके लिए शिव मंदिर जाकर भी पूजा की जा सकती है।
चावल से चांद की आकृति बनाकर दें अर्घ्य
बारिश या बादलों के कारण चांद नजर न आने पर पूजा की थाली या लाल कपड़े पर चावल का ढेर रखकर रोली-अक्षत से चंद्रमा की आकृति बनाई जा सकती है। इसके बाद उसे चंद्रमा का प्रतीक मानकर अर्घ्य देने और व्रत पूरा करने का उपाय बताया गया है।
पंचांग में दिए गए चंद्रोदय के समय पर करें पूजा
अगर आसमान में चंद्रमा दिखाई नहीं दे रहा है, तो अपने शहर के पंचांग में चंद्रोदय का समय देखा जा सकता है। बताए गए उपाय के अनुसार, निर्धारित समय पर चंद्रमा की दिशा की ओर मुंह करके पूजा और प्रार्थना करें। इसके बाद अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जा सकता है।
चांदी के सिक्के और दर्पण का करें इस्तेमाल
कुछ स्थानों पर चांद के दर्शन नहीं होने की स्थिति में चांदी के सिक्के और दर्पण का इस्तेमाल करने की परंपरा बताई गई है। इसके लिए एक थाली में चांदी का सिक्का रखकर उसमें पानी भरें। फिर दर्पण की सहायता से इसे चंद्रमा के प्रतीक के रूप में देखकर व्रत खोलने का उपाय बताया गया है।
वीडियो कॉल के जरिए करें चांद के दर्शन
यदि आपके शहर में चांद दिखाई नहीं दे रहा है, तो दूसरे शहर में रहने वाले परिवार के सदस्यों से वीडियो कॉल पर चंद्रमा के दर्शन करने का विकल्प भी बताया गया है। इस तरीके से दूसरे स्थान पर दिखाई दे रहे चांद को देखकर व्रत खोलने की परंपरा का पालन किया जा सकता है।
करवा चौथ 2026 पर पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का समय
करवा चौथ 2026 का त्योहार गुरुवार, 29 अक्टूबर को है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से शाम 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
वहीं, चंद्रोदय का संभावित समय रात 8 बजकर 17 मिनट बताया गया है। अलग-अलग शहरों में चांद निकलने के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। यदि मौसम के कारण चांद दिखाई न दे, तो ऊपर बताए गए वैकल्पिक उपायों के बारे में जानकारी लेकर अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।