Cyclone Arnab: ओडिशा में 300 गांव बाढ़ से घिरे, 9 ट्रेनें रद्द; MP में भारी बारिश का अलर्ट

Cyclone Arnab: ओडिशा में 300 गांव बाढ़ से घिरे, 9 ट्रेनें रद्द; MP में भारी बारिश का अलर्ट

हाइलाइट्स

  • ओडिशा के गंजाम में करीब 300 गांव बाढ़ से घिरे
  • चक्रवात के चलते 9 ट्रेनें रद्द, 14 के रूट बदले
  • मध्य प्रदेश के 9 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट


चक्रवात अर्नब के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। ओडिशा के गंजाम जिले में करीब 300 गांव पानी से घिर गए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हवाई बचाव अभियान की तैयारी की जा रही है। वहीं, भारी बारिश के कारण ओडिशा में नौ ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और 14 ट्रेनों के मार्ग बदलने पड़े हैं। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की टीमें प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रही हैं। हालांकि, लगातार बारिश और नीचे छाए बादलों के कारण हेलीकॉप्टर से लोगों को निकालने में मुश्किल हो सकती है। राज्य सरकार इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय के संपर्क में है। पहले चरण में करीब 120 लोगों को हवाई मार्ग से निकालने की योजना बनाई गई है। भारतीय तटरक्षक बल इसके लिए हेलीकॉप्टर और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगा।

गंजाम में बाढ़ से बिगड़े हालात, 300 गांवों पर असर

ओडिशा के गंजाम जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण ऋषिकुल्या नदी उफान पर है। सोरड़ा समेत कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। नदी का पानी आसपास के कस्बों और गांवों में भर गया है। आस्का में जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जबकि दिगपहांडी ब्लॉक में भी बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।

मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि बारिश कम होने पर बचाव दलों के लिए प्रभावित लोगों तक पहुंचना आसान होगा। गंजाम में ओडीआरएएफ की एक अतिरिक्त टीम भेजी गई है। बचाव और निकासी अभियान की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को भी जिम्मेदारी दी गई है।

ओडिशा के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने बताया कि पानी से घिरे अधिकतर लोग सनाखेमुंडी और आस्का ब्लॉक के गांवों में फंसे हुए हैं।

हवाई मार्ग से निकाले जाएंगे फंसे लोग

प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। पहले चरण में करीब 120 लोगों को हेलीकॉप्टर से निकालने की योजना है। हालांकि, खराब मौसम और कम ऊंचाई पर बादल होने से इस अभियान में बाधा आ सकती है।

राज्य सरकार केंद्र के संपर्क में है और भारतीय तटरक्षक बल से हवाई सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। प्रशासन का कहना है कि बारिश कम होने के बाद बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी।

आंध्र प्रदेश में बिजली बहाली और मुआवजे पर जोर

चक्रवात से हुए नुकसान की समीक्षा के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने जिला कलेक्टरों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने और नुकसान का आकलन कर लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।

सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नायडू ने कहा, "अधिकारियों को चक्रवात से प्रभावित सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करनी चाहिए और प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज करनी चाहिए। स्थिति सामान्य होने तक राहत और बहाली के काम जारी रहने चाहिए।"

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि चक्रवात से हुए नुकसान की शुरुआती रिपोर्ट गुरुवार को सौंपी जाएगी। फसलों को हुए नुकसान का आकलन अलग से किया जाएगा, क्योंकि इस संबंध में मुआवजे का सरकारी आदेश पहले ही जारी हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने सड़कों पर गिरे पेड़ों को तुरंत हटाने, जमा मलबे की सफाई करने और तालाबों तथा नहरों के तटबंध टूटने की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम उठाने को कहा।

फसलों और बागवानी को हुए नुकसान का आकलन

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि अल नीनो के प्रभाव से रायलसीमा क्षेत्र में मुश्किलें बढ़ रही हैं, जबकि उत्तर आंध्र, तटीय जिलों और गोदावरी नदी क्षेत्र में चक्रवात का असर पड़ा है। इन इलाकों में खड़ी फसलों और नारियल के पेड़ों को नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों से जलभराव से प्रभावित फसलों को बचाने के उपाय तलाशने को कहा। साथ ही, उखड़े नारियल के पेड़ों और अन्य बागवानी फसलों को दोबारा लगाने की संभावनाओं का आकलन करने तथा प्रभावित किसानों की मदद के लिए योजनाएं लागू करने के निर्देश दिए।

नायडू ने नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया।

श्रीकाकुलम में रेलवे पुल डूबा, रेल आवाजाही प्रभावित

भारी बारिश का असर आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग के मुताबिक, यहां एक रेलवे पुल पानी में डूब गया है, जिसके कारण दोनों ओर से ट्रेनों की आवाजाही रुक गई है।

फंसे हुए यात्रियों को सड़क मार्ग से निकालने की योजना बनाई जा रही है। यदि सड़क के रास्ते उन्हें सुरक्षित निकालना संभव नहीं हुआ, तो आसपास के रेलवे स्टेशनों पर उनके ठहरने और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।

केंद्र ने ओडिशा को हरसंभव मदद का भरोसा दिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा और अन्य प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि उन्होंने अमित शाह को चक्रवात के प्रभाव, प्रभावित जिलों की स्थिति और राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बहाली कार्यों की जानकारी दी।

माझी के अनुसार, केंद्र सरकार का सहयोग प्रभावित परिवारों की मदद करने, लोगों की जान बचाने और राहत, पुनर्वास तथा बहाली के काम में तेजी लाने में सहायक होगा।

मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य होने तक बचाव और राहत अभियान जारी रहेंगे।

ओडिशा में 9 ट्रेनें रद्द, 14 के रूट बदले

चक्रवात अर्नब और भारी बारिश के कारण ओडिशा में रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गंजाम जिले में बहुदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर गुरुवार को नौ ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जबकि 14 ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए।

पूर्व तटीय रेलवे के अनुसार, विशाखापत्तनम रेल मंडल के इच्छापुरम-झाड़ुपुड़ी खंड में दो रेलवे पुलों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

रद्द की गई ट्रेनों में भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस और विशाखा एक्सप्रेस शामिल हैं। रेलवे के मुताबिक, गंजाम जिले में चक्रवात के कारण 550 मिमी बारिश हुई, जिससे बहुदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा।

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। विभिन्न स्थानों पर फंसे यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जलस्तर घटने और ट्रैक को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही सेवाएं बहाल की जाएंगी।

मध्य प्रदेश के 9 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

चक्रवात अर्नब का असर मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी देखने को मिला है। गुरुवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी के साथ ठंड बढ़ गई। राजधानी भोपाल में भी लगातार हल्की बारिश हुई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल केंद्र के मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि पूर्वी मध्य प्रदेश के नौ जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

इन 9 जिलों में जारी किया गया अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश के निम्नलिखित जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है:

- सीधी
- सिंगरौली
- रीवा
- मऊगंज
- सतना
- मैहर
- शहडोल
- उमरिया
- अनूपपुर

मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि कमजोर हो चुका चक्रवात मध्य प्रदेश में प्रवेश नहीं करेगा। यह छत्तीसगढ़ से आगे बढ़कर बिहार की ओर जाएगा। चक्रवात फिलहाल छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के ऊपर पहुंच गया है।

ओडिशा में बाढ़ और रेल सेवाओं पर असर, आंध्र प्रदेश में बिजली बहाली तथा मुआवजे की तैयारियों और मध्य प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट के बीच संबंधित राज्य सरकारें राहत, बचाव और नुकसान के आकलन में जुटी हैं।