दिवाली-छठ पर रेलवे की बड़ी तैयारी, 6,200 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स की योजना

दिवाली-छठ पर रेलवे की बड़ी तैयारी, 6,200 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स की योजना
हाइलाइट्स
• दिवाली-छठ पर 6,200 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स की योजना
• पिछले साल के मुकाबले करीब 30% बढ़े ट्रेन फेरे
• दिल्ली-पटना और नई दिल्ली-हावड़ा रूट भी शामिल
• स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर और सुरक्षा के इंतजाम

दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए उत्तर रेलवे ने त्योहारी सीजन में 6,200 से अधिक स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स चलाने की योजना बनाई है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल त्योहारों के दौरान 4,666 ट्रेन फेरे चलाए गए थे। इस बार इनकी संख्या में लगभग 30% की बढ़ोतरी की गई है।

इस व्यवस्था का मकसद नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम करना और दिल्ली समेत उत्तर भारत के शहरों से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों को सफर के अतिरिक्त विकल्प देना है। त्योहारों के दौरान टिकटों की मांग बढ़ने से कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो जाता है।

6,200 से ज्यादा ट्रेन फेरों की तैयारी

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर रेलवे अब तक लगभग 3,600 स्पेशल ट्रेन फेरों की घोषणा कर चुका है। पूरे त्योहारी सीजन के लिए 6,200 से अधिक फेरों की योजना है।

इसके अलावा, रेलवे जोन ने इस साल 42 नई ट्रेनों को नियमित किया है। इन ट्रेनों के त्योहारी सीजन के दौरान लगभग 2,600 फेरे पूरे होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए उपलब्ध सेवाओं में इजाफा होगा।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने रिपोर्ट में बताया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों को घर जाने में अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

लोकप्रिय रूटों पर कन्फर्म टिकट मिलना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। स्पेशल ट्रेनों की घोषणा के बाद भी टिकट तेजी से बुक हो जाते हैं। ऐसे में अतिरिक्त सेवाओं से यात्रियों को यात्रा के अधिक विकल्प मिल सकेंगे।

दिल्ली-पटना और नई दिल्ली-हावड़ा समेत इन रूटों पर फोकस

दिवाली और छठ पूजा के समय दिल्ली तथा उत्तर भारत के अन्य शहरों से पूर्वी भारत की ओर जाने वाले रूटों पर यात्रियों की मांग बढ़ जाती है। उत्तर रेलवे की स्पेशल ट्रेन सेवाओं में रिपोर्ट के मुताबिक, ये रूट शामिल हैं:

  • दिल्ली-पटना वंदे भारत

  • शकूरबस्ती-दरभंगा

  • माता वैष्णो देवी-वाराणसी

  • चंडीगढ़-पटना

  • नई दिल्ली-हावड़ा

  • अमृतसर-बरौनी

इन रूटों पर अतिरिक्त सेवाओं से यात्रियों को सफर के और विकल्प मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सीटों की उपलब्धता ट्रेन, यात्रा की तारीख और गंतव्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

स्टेशनों पर भी बढ़ाए गए इंतजाम

स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना के साथ उत्तर रेलवे ने स्टेशनों पर भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की है। यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले गए हैं और अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है।

इसके अलावा, व्यस्त स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रित करने और यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। इन उपायों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान स्टेशनों पर भीड़ का दबाव कम करना और यात्रियों को आने-जाने में सुविधा देना है।

दिवाली और छठ पर स्पेशल ट्रेनें क्यों जरूरी?

दिवाली और छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग बड़े शहरों से उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के राज्यों के कस्बों तथा गांवों में अपने घर जाते हैं। इस वजह से नियमित ट्रेनों में त्योहारों से पहले ही टिकटों की मांग बढ़ जाती है और यात्रियों को दूसरे विकल्प तलाशने पड़ते हैं।

स्पेशल ट्रेनें चुनिंदा रूटों पर अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध कराती हैं। वहीं, नई ट्रेनों के नियमित होने से त्योहारों के अलावा भी यात्रियों को सफर के अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं।

उत्तर रेलवे की ओर से की जा रही यह तैयारी त्योहारी सीजन में बढ़ती रेल मांग को संभालने और यात्रियों को अधिक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।