दिल्ली में छठ महापर्व को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। पर्व की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को पिछले साल की तुलना में अधिक छठ घाट तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ-सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
सरकार की ओर से संबंधित विभागों को तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छठ व्रतियों को पर्व के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
छठ घाटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि इस वर्ष छठ पर्व के लिए पिछले साल के मुकाबले अधिक घाट बनाए जाएं। सभी घाटों पर साफ-सफाई और सुरक्षा के साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए।
प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि श्रद्धालुओं को छठ पूजा के दौरान असुविधा न हो। इसके लिए संबंधित विभागों को समय रहते जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
13 नवंबर से शुरू होगा छठ महापर्व 2026
चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत 13 नवंबर 2026, शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ होगी। इसके बाद 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उषा अर्घ्य दिया जाएगा। अंतिम दिन पारण भी होगा।
छठ पूजा की प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
नहाय-खाय से होगी छठ पूजा की शुरुआत
छठ महापर्व के पहले दिन यानी 13 नवंबर को नहाय-खाय मनाया जाएगा। इस दिन व्रती स्नान के बाद शुद्ध तरीके से भोजन तैयार करते हैं और सात्विक आहार ग्रहण कर पर्व की शुरुआत करते हैं।
नहाय-खाय के अवसर पर लौकी की सब्जी, चने की दाल और चावल बनाने की परंपरा है। इस दिन सूर्य देव और कुल देवी-देवताओं की पूजा करके प्रसाद अर्पित किया जाता है।
खरना और अर्घ्य की तारीखें भी जानें
छठ पूजा के दूसरे दिन 14 नवंबर को खरना होगा। तीसरे दिन, 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य दिया जाएगा। वहीं, 16 नवंबर को उषा अर्घ्य के साथ पारण होगा।
दिल्ली सरकार ने पर्व की तैयारियों को लेकर घाटों की संख्या बढ़ाने और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, छठ पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा भी की गई है।