कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से 74 तस्वीरें हटाए जाने का मामला विवाद का विषय बन गया है। दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित इस प्रदर्शनी में युवाओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए इसे युवाओं की आवाज और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया। वहीं, रेहान वाड्रा का कहना है कि प्रदर्शनी में पहले 105 तस्वीरें थीं, लेकिन अब इनमें से केवल 35 से 40 तस्वीरें ही बची हैं।
तस्वीरें हटाए जाने पर प्रियंका गांधी ने जताई नाराजगी
रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने पर प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने बेटे का समर्थन करते हुए लिखा, 'तुम सच का साथ दो और हर खूबसूरत चीज खुद-ब-खुद तुम्हारे पास आ जाएगी. मुझे तुम पर गर्व है और हमेशा रहेगा.'
प्रियंका गांधी के मुताबिक, रेहान की तस्वीरों में न तो कोई टिप्पणी की गई थी और न ही कुछ अपमानजनक था। तस्वीरों के जरिए केवल विरोध प्रदर्शनों के दृश्यों को दिखाया गया था।
उन्होंने इस कार्रवाई को युवाओं की आवाज दबाने वाला कदम बताया। प्रियंका गांधी का कहना है कि आज रेहान के साथ जो हुआ है, वह कल किसी दूसरे कलाकार के साथ भी हो सकता है। उन्होंने इस मामले को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी में क्या था खास?
रेहान वाड्रा, प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे हैं। वह पेशेवर विजुअल आर्टिस्ट और फोटोग्राफर हैं। दिल्ली के बीकानेर हाउस की मुख्य आर्ट गैलरी में उनका सोलो आर्ट शो 'No Idea Is Final' आयोजित किया गया था।
यह प्रदर्शनी 21 से 25 अक्टूबर के बीच चलने वाली थी। इसके लिए रेहान ने पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग विषयों पर तस्वीरें खींची थीं। इनमें वाइल्डलाइफ, आर्किटेक्चर, डार्क रूम और दिल्ली में हाल ही में हुए युवाओं तथा छात्रों के विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें शामिल थीं।
प्रदर्शनी में कुल 105 तस्वीरें होने की जानकारी सामने आई थी। इनमें से 74 तस्वीरें हटाए जाने के बाद अब 35 से 40 तस्वीरें ही बची होने की बात रेहान ने कही है।
तस्वीरें हटाने पर रेहान वाड्रा ने क्या कहा?
रेहान वाड्रा ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें हटाए जाने की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी शुरू होने से पहले वहां 100 से ज्यादा तस्वीरें थीं, लेकिन अब 40 से भी कम तस्वीरें बची हैं।
रेहान के मुताबिक, उनका उद्देश्य देश में अपने आसपास हो रहे आंदोलनों को दस्तावेज के रूप में सहेजना था। उन्होंने अपने काम के कलात्मक पक्ष को समझाते हुए कहा कि वह उन आंदोलनों की लय को कैनवास पर कैद करना चाहते थे, जो लोगों के एक साथ आने पर पैदा होती है।
फिलहाल, रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने का मामला चर्चा में है। प्रियंका गांधी ने इस पर आपत्ति जताई है, जबकि रेहान ने तस्वीरों के जरिए आंदोलनों को दर्ज करने के अपने उद्देश्य को स्पष्ट किया है।