समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर जिला जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, वह दोपहर 12:20 बजे प्राइवेट हेलीकॉप्टर से जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर पहुंचेंगे। इसके बाद जेल जाकर आजम खान से मिलेंगे और फिर उनके आवास पर परिवार के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। इस दौरे पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सवाल उठाते हुए इसे चुनाव से पहले मुसलमानों को लुभाने की रणनीति बताया है।
रामपुर में क्या रहेगा अखिलेश यादव का कार्यक्रम?
अखिलेश यादव के निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, वह गुरुवार दोपहर 12:20 बजे प्राइवेट हेलीकॉप्टर से जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर उतरेंगे। यहां से वह रामपुर जिला जेल जाएंगे, जहां आजम खान से उनकी मुलाकात होगी। जेल में करीब 45 मिनट तक रुकने की उम्मीद है।
जेल में मुलाकात के बाद अखिलेश यादव जेल रोड स्थित आजम खान के आवास पर जाएंगे। वहां वह आजम खान के परिवार के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। परिवार के साथ यह मुलाकात लगभग एक घंटे तक चलने की उम्मीद है।
मौलाना बरेलवी ने अखिलेश यादव के दौरे पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव के रामपुर दौरे को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि 370 दिनों के बाद आजम खान से मिलने पहुंच रहे अखिलेश यादव का यह कदम चुनाव से पहले मुसलमानों को लुभाने की रणनीति है।
मौलाना बरेलवी के मुताबिक, यह कोशिश नाकाम रहेगी, क्योंकि आजम खान का प्रभाव अब खत्म हो चुका है। उन्होंने स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि लोग इस दौरे को लेकर कह रहे हैं, ‘बहुत देर कर दी मेहरबान आते-आते।’
आजम खान की मुश्किलें क्यों बढ़ीं?
आजम खान की मुश्किलों के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में उनके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद उनकी रिहाई को लेकर भी मुश्किलें बढ़ने की बात कही जा रही है।
ईडी की जांच के बाद 13 अक्टूबर की रात रामपुर के अजीमनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और कुछ ठेकेदारों के नाम शामिल हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण खर्च को लेकर क्या हैं आरोप?
आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर 494.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि आयकर रिटर्न में केवल 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दिखाया गया। इस तरह करीब 416 करोड़ रुपये का हिसाब छिपाने का आरोप है।
इस मामले में जेल में बंद आजम खान से पूछताछ भी की गई है। ईडी की जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर ने उनके खिलाफ चल रहे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर मंत्री दानिश आजाद अंसारी का हमला
उत्तर प्रदेश के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र को लेकर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पार्टी को पहले 2012 से 2017 के बीच अपने शासन का हिसाब देना चाहिए।
दानिश आजाद अंसारी ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी के अपना घोषणापत्र जारी करने से पहले, उत्तर प्रदेश की जनता 2012 से 2017 के बीच उनके कामकाज का हिसाब मांग रही है... अगर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी के नेता अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करते, तो उसमें हत्याओं, डकैतियों, दंगों, कर्फ्यू, अपराध और भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं होता. न तो देश और न ही राज्य इसे भूला है।’
इस तरह अखिलेश यादव के रामपुर दौरे के बीच आजम खान से मुलाकात, मौलाना बरेलवी की प्रतिक्रिया, जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी ईडी की जांच और समाजवादी पार्टी पर मंत्री दानिश आजाद अंसारी के बयान को लेकर राजनीतिक चर्चा हो रही है।