कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर पटना में राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। सोमवार को डाक बंगला चौराहे पर भाजपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए खरगे और राहुल गांधी के पुतले फूंके। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों नेताओं से माफी मांगने की मांग की। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी मौके पर पहुंचे।
श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम में क्या हुआ था?
रविवार को बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान सभा को संबोधित कर रहे मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी के बाद हंगामे की स्थिति बन गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दर्शक दीर्घा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री को लेकर कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इसके जवाब में खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच विवाद हुआ और संबंधित व्यक्ति को सभागार से बाहर ले जाया गया।
भाजपा समर्थकों ने की माफी की मांग
खरगे की टिप्पणी के विरोध में भाजपा समर्थकों ने कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लिया। प्रदर्शनकारियों ने खरगे और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग करते हुए पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा नेताओं ने भी खरगे के बयान की आलोचना की।
प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे खरगे को दोबारा पटना नहीं आने देंगी। यह प्रदर्शन में शामिल महिलाओं की प्रतिक्रिया थी।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ भाजपा समर्थकों ने कांग्रेस कार्यालय को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने वहां कथित तौर पर आतंकवादी, नक्सली और राम विरोधी विचारधारा से जुड़े लोगों के मौजूद होने जैसी बातें कहीं।
खरगे ने आरएसएस की विचारधारा पर भी की टिप्पणी
बापू सभागार में अपने संबोधन के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि जब तक देश में आरएसएस की विचारधारा रहेगी, तब तक शांति नहीं होगी।
खरगे की इस टिप्पणी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। पटना में भाजपा समर्थकों का प्रदर्शन इसी विवाद के बीच हुआ।
कार्यक्रम से पहले बिहार कांग्रेस में भी विरोध
खरगे के कार्यक्रम से पहले बापू सभागार के मुख्य गेट पर कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और पार्टी प्रभारी कृष्णा अल्लावरु को पद से हटाने की मांग उठाई। साथ ही, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह को दोबारा बिहार कांग्रेस की कमान सौंपने की मांग की।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने राजेश राम और कृष्णा अल्लावरु पर टिकट बेचने के आरोप भी लगाए। ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए थे।
इस तरह, खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा समर्थकों के विरोध के बीच बिहार कांग्रेस के भीतर भी संगठनात्मक नेतृत्व में बदलाव की मांग सामने आई।