- एयर शो के अंतिम दिन घाटों पर उमड़ा भारी जनसैलाब
- राफेल, सुखोई, तेजस और मिराज की गर्जना ने रोमांच बढ़ाया
- नमो घाट और ललिता घाट के आसपास सबसे ज्यादा भीड़
- शो खत्म होने के बाद कई मार्गों पर घंटों लगा जाम
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Wings Over Ganga Air Show: गंगा की लहरें, आसमान में गर्जना करते लड़ाकू विमान और उन्हें निहारती लाखों आंखें। रविवार को काशी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के अंतिम दिन ऐसा रोमांच देखने को मिला कि गंगा घाटों की सीढ़ियों से लेकर आसपास के मकानों की छतों तक भारी भीड़ जुट गई। अंतिम दिन दस लाख लोगों की भीड़ का दावा सामने आया। इससे पहले गुरुवार और शनिवार को भी बड़ी संख्या में लोग एयर शो देखने पहुंचे थे।
भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस एयर शो को देखने के लिए सुबह नौ बजे से ही घाटों पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने आयोजन के प्रति लोगों का उत्साह और बढ़ा दिया। गंगा के दोनों किनारों पर लोगों का हुजूम दिखाई दिया। भीड़ का नजारा ऐसा था, मानो काशी में महाकुंभ जैसा माहौल बन गया हो।
राफेल-सुखोई की गर्जना से गूंजा आसमान
नमो घाट पर मुख्य आयोजन और ललिता घाट पर गंगा द्वार के आसपास सबसे ज्यादा भीड़ रही। राफेल, सुखोई, तेजस और मिराज जैसे लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनते ही लोगों के मोबाइल कैमरे आसमान की ओर उठ गए। बच्चे, युवा और बुजुर्ग हर हवाई करतब को अपनी आंखों में कैद करने के साथ मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड करते नजर आए। गंगा पार और आसपास की इमारतों की छतों से भी लोगों ने विमानों के प्रदर्शन का आनंद लिया।
एयर शो के दौरान उमड़ी भीड़ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन ने काशी में वायु सेना के हवाई प्रदर्शन को लेकर लोगों के उत्साह की झलक दिखाई।
एयर शो के बाद जाम में फंसे लोग
आसमान में रोमांचक प्रदर्शन के बाद जब लोग घरों की ओर लौटे तो सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ गया। नमो घाट से गोदौलिया और सामनेघाट पुल से रामनगर तक कई मार्गों पर वाहन घंटों रेंगते रहे। भारी भीड़ के कारण लोगों को वापसी के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़कों पर हॉर्न बजाती गाड़ियों को देखकर एक बनारसी की ठिठोली भी सुनाई दी—‘का अब सड़किये से उड़ब का!’ इस टिप्पणी पर लोग ठहाके लगाते नजर आए, लेकिन जाम में फंसे लोगों की परेशानी बरकरार रही।
यातायात सुचारू रखने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात रहे। इसके बावजूद भीड़ के भारी दबाव के सामने व्यवस्था चुनौतीपूर्ण बनी रही। कई स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारियों को भी सड़क पर उतरकर यातायात संभालना पड़ा। इस तरह ‘विंग्स ओवर गंगा’ का अंतिम दिन जहां आसमान में शानदार हवाई करतबों के नाम रहा, वहीं आयोजन के बाद शहर की सड़कों पर जाम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।