संसद सत्र में हंगामें के आसार, सरकार ने मांगा सबका सहयोग

संसद सत्र में हंगामें के आसार, सरकार ने मांगा सबका सहयोग

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है जिसमें सरकार की तरफ़ से कई महत्पूर्ण विधेयक लाये जाने की संभावना है। वहीं सत्र से एक दिन पहले सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष के तेवरों से साफ़ हो गया है कि वो सत्र के दौरान नीम परीक्षा और अयोध्या श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं उठा रखेगी।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को कहा, "कल से संसद का मानसून सत्र शुरू होगा। आज सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। हम सभी दलों से आग्रह करते हैं कि मानसून सत्र को अच्छी तरह से चलाने में सभी सहयोग करें। सरकार जो बिल लेकर आएगी उसमें सभी विपक्षी दल और सत्ता दल के सदस्य अच्छे से हिस्सा लें। संसद जितने अच्छे से चलेगा देश का उतना ही भला होगा। अगर विरोध भी करना है तो बातों से ही विरोध करें, हंगामा न करें।"

रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्व दलीय बैठक हुई। लेकिन इस बैठक के दौरान विपक्ष ने वाकआउट किया। काँग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, ‘सभी विपक्षी पार्टियों ने सर्वदलीय बैठक से कुछ मिनटों के लिए वॉकआउट किया। यह विरोध मोदी सरकार के उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ था जिसमें NCPI को आमंत्रित किया गया था। NCPI असल में TMC के उन लगभग 20 तथाकथित 'बागी' सांसदों का ठिकाना है, जिनके मामले पर स्पीकर का अंतिम फ़ैसला अभी आना बाकी है।’

तृणमूल काँग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने इस बैठक के बारे में अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सभी विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक से कुछ देर के लिए वॉकआउट किया। यह विरोध मोदी सरकार के उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ था जिसमें NCPI को आमंत्रित किया गया था।