ऐतिहासिक लार्ड्स के मैदान में खेले गये मौजूदा श्रृखला के आखिरी मैच में इंग्लैंड ने भारतीय टीम को 27 रन से हरा दिया। इस मैच में इंग्लैंड ने टीम इंडिया के सामने 387 रन का टार्गेट रखा जिसे रोहित शर्मा के इस मैदान पर लगाये पहले शतक के बावजूद हार का सामना करना पड़ा। श्रृंखला का पहला मैच भारतीय टीम ने जीता था लेकिन बाद के दोनों वन डे हारकर भारतीय टीम ने श्रृंखला गंवा दी। इससे पहले टी ट्वेंटी सीरीज़ भी भारतीय टीम गवां चुकी थी।
भारतीय टीम जब मैदान में उतरी तब टीम के कम्बिनेशन को लेकर विशेषज्ञ हैरान रह गये। मैच के दौरान दिखाई भी दिया कि जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में टीम की गेंदबाजी लचर दिखाई दी। भारतीय टीम के पूर्व गेंदबाज़ इरफ़ान पठान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आखिरी कुछ ओवरों में भारतीय टीम की गेंदबाजी ही निर्णायक साबित हुई। उन्होने सवाल किया कि वाइड यॉर्कर क्यों नहीं फेंकी गईं? जोस बटलर के खिलाफ, जिनकी ऑफ स्टंप के बाहर ज्यादा पहुंच नहीं है, आर्क से दूर क्यों नहीं फेंकी गईं?
गेंदबाजी कम्बिनेशन को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हुए। टीम के पूर्व गेंदबाज़ आर अश्विन ने कहा कि कुलदीप यादव को न खिलाने का एकमात्र बहाना यही होता है कि बल्लेबाजी सातवें नंबर पर ही खत्म हो जाती है, लेकिन आज अर्शदीप को आठवें नंबर पर खेलते देखना कैसा लग रहा होगा! उन्होने कहा, ‘और बुमराह की गैरमौजूदगी को देखते हुए कुलदीप के लिए बुरा ही लगता है।यकीन मानिए, इससे गेंदबाज की लय और आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।’
प्लेइंग अलेवन में कुलदीप यादव को जगह नहीं दिये जाने पर सवाल उठाते हुए पूर्व आलराउंडर मोहम्मद कैफ़ ने कहा कि कुलदीप यादव को अब अपना बोरिया-बिस्तर समेटने और इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के बारे में सोचना चाहिए।
कैफ़ ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘आज बुमराह, वॉशिंगटन (सुंदर) और वरुण (चक्रवर्ती)नहीं थे, फिर भी कुलदीप को प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिली। लॉर्ड्स में भारत की बॉलिंग एक ही तरह की है और उसमें वैरायटी की कमी है। एक लेफ्ट-आर्म रिस्ट स्पिनर काम आ सकता था। याद रखें, उनके नाम 118 वनडे मैचों में 194 विकेट हैं। ऐसा लगता है कि इन आंकड़ों का कोई महत्व नहीं है।’